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कई प्रेरणादायक कहानियाँ और प्रेरक प्रसंग जीवन की दिशा बदल देते हैं, इनसे जीवन में बहुत कुछ सीखने को मिलता है. ऐसी ही एक कहानी यहाँ प्रस्तुत है जो हमारे एक पाठक संजय श्रीवास्तव ने उतरप्रदेश से भेजी है.



यह कहानी इक ऐसे व्यक्ति की है जो एक फ्रीजर प्लांट में कार्यरत था. वह दिन का अंतिम समय था और सभी कर्मचारी घर जाने को तैयार थे तभी प्लांट में एक तकनीकी समस्या उत्पन्न हो गयी और वह उसे दूर करने में जुट गया. जब तक वह कार्य पूरा करता तब तक अत्यधिक देर हो गयी. दरवाजे सील हो चुके थे और लाईटें बुझा दी गईं. बिना हवा और प्रकाश के पूरी रात आइस प्लांट में फसें रहने के कारण उसकी बर्फीली कब्रगाह बनना तय हो गया था.
घण्टे बीत गए तभी उसने किसी को दरवाजा खोलते हुए महसूस किया ... क्या यह एक चमत्कार था ? सिक्यूरिटी गार्ड टार्च लिए खड़ा था व् उसने उसे बाहर निकलने में मदद की। वापस आते समय उस व्यक्ति ने सिक्यूरिटी गार्ड से पूछा "आपको कैसे पता चला कि मै भीतर हूँ ?" गार्ड ने मुस्कुरा कर उत्तर दिया " सर, इस प्लांट में पचास लोग कार्य करते हैँ पर सिर्फ एक आप हैँ जो सुबह मुझे नमस्कार और  शाम को जाते समय फिर मिलेंगे कहते हैँ. आज सुबह आप ड्यूटी पर आये थे पर शाम को आप बाहर नही गए. इससे मुझे ज़रा शंका हुई और मैं देखने चला आया.
वह व्यक्ति नही जानता था कि उसका किसी को छोटा सा सम्मान देना कभी उसका जीवन बचाएगा. याद रखेँ, जब भी आप किसी से मिलते हैं तो उसका गर्मजोश मुस्कुराहट के साथ सम्मान करें. हमें नहीं पता पर हो सकता है कि ये आपके जीवन में भी चमत्कार दिखा दे.

यह कहानी प्रेरणादायक है. उम्मीद है पाठको को पसंद आई होगी. कृपया कमेंट बॉक्स में कमेंट करे, विचार रखे. 

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