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निर्जला एकादशी: Nirjala Ekadashi Vrat Vidhi, Important Things to Remember

Nirjala Ekadashi Vrat Vidhi


निर्जला एकादशी की कुछ बहुत जरूरी बाते

1साल में 24 एकादशी होती है हर एकादशी का व्रत अपने आप में बहुत महेत्वपूर्ण है बल्कि आप साल भर के जितने भी प्रकार के व्रत के बारे में जानते है जैसे सोमवार , मंगल, बृस्पति, शुक्रवार, शनिवार, नवरात्रे इत्यादि जितने भी व्रत है इनमें  से एकादशी का व्रत सबसे ज्यादा महत्व्पूर्ण होता है ।

अगर आप एकादशी का व्रत रख्ते है तो अन्य किसी भी प्रकार का व्रत नहीं रखते है तो चलेगा लेकिन दूसरी तरफ अगर आप साल भर के सारे व्रत भी रखते है लेकिन एकादशी का व्रत नहीं रखते और इस दिन अन्न खाते है तो शास्त्रो में पाप बताया गया है और शास्त्र गलत नहीं होते क्योकि शास्त्र भगवान् की वाणी है ।

निर्जला एकादशी साल में एक बार आती है तो अगर कोई पुरे साल एकादशी का व्रत रखता है और जाने अनजाने में कुछ ऐसी चीज खा लेता है जो एकादशी पर नहीं खानी चाहिये और उसका अगर व्रत टूट जाता है या किसी ने कभी एकादशी व्रत रक्खा ही नहीं तो इस एकादशी का व्रत बिना जल के रखता है तो उसको साल भर की सारी 24 एकादशियों का फ़ल मिल जाता है ।

अगर कोई बिना जल के ये व्रत नहीं रख सकता तो पानी पी कर भी रख सकता है और अगर सिर्फ पानी पी कर भी नहीं कर सकता तो फल खा के भी रख सकता है लेकिन रखना जरूर है
पानी और फल पर रखने पर सिर्फ इस ही एकादशी का फल मिलेगा न की 24 एकादशियों का ।

और कृपया ध्यान दे हर एकादशी व्रत के अगले दिन व्रत खोलने का समय होता है और हर एकादशी का व्रत खोलने का समय अलग अलग होता है जैसे कल शुक्रवार है और कल एकादशी है तो परसो यानि शनिवार को 05: 40 से 09: 52 बजे तक तो इस टाइम के बीच में ही आपको अन्न खाना है और व्रत खोलना है  इस समय से पहले अन्न नहीं खाना और जब व्रत खुल जाए तो आप रोज़ाना की तरह अपना खाना वगैरह खा सकते है ।अब जो अगली एकादशी आएगी तो उसका व्रत खोलने का समय अलग होगा तो कृपया इस व्रत खोलने के समय का जरूर ध्यान रखे और अगर कुछ समझ न आये तो  कृपया हम से संपर्क कर सकते है ।

कृपया किसी भी एकादशी वाले दिन वाले दिन चाय का सेवन न करे अगर इस दिन चाय पीनी है तो औयुर्वेदिक चाय ही लें । और इस दिन पैक वाले जूस और कोल्ड ड्रिंक वर्जित है ।

एकादशी वाले दिन अपनी शरीर की आवश्कता को कम करे जैसे अधिक खाना,सोना,व्यर्थ की बाते करना, टीवी देखना या कोई भी  ऐसा काम करना जो भक्ति से सम्बधिक नहीं है उनसे हमे बचना है ( वैसे तो हमेशा ही इन सब से बचना है लेकिन कम से कम एकादशी वाले दिन न करे)

एकादशी वाले दिन प्रयास करे सुबह जल्दी उठे नहाये, मंदिर जाए अथवा घर में ही का मंदिर जैसा माहौल बनाये, अधिक से अधिक भगवान् के नामो का जाप करे हरे कृष्णा मंत्र का जाप करे और ग्रंथो को पड़े कीर्तन सुने और भक्तो का संग करे ।
हरे कृष्णा

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