Sponsored Links






Whatsapp Group Admin Ki Tareef: Hindi Shayari Poem - Kavita



मन में थी मिलने की ईच्छा,
तभी तो हम सबको मिलाया है,
किसी से कर सलाह मशवरा,
एडमिन ने यह ग्रुप खिलाया है।

लगता था पहले जहॉ अंधेरा,
एक दीपक उसने जलाया है,
हर मैसेज एक किरण होगी,
ऐसा ही प्रकाश जगमगाया है।

जब मिट गई,आस मिलन की
तब छलकाई उसने ये प्याली है
संदेशे पढकर सभी के होठो पर
छाई खुशहाली की यह लाली है

सच्चे संबंध कहा इस जीवन में,
फिर भी हंसकर गले लगाया है,
लाईक और वॉह वॉह करके ही
इतना बढीया सा ग्रुप सजाया है

इतनी सारी मुश्किलो के सामने,
इस कविता को मैने बनाया है,
मन में थी मिलने की ईच्छा,
तभी तो एडमिन ने ग्रुप बनाया है ।

Also Read: Whatsapp Gyan Funny Group Message

Sponsored Links


Post a Comment Blogger

 
Top