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International Women's Day Hindi Poem for School Students. Women's Day Hindi Kavita for School Functions and Competition Events..


कभी बेटी, कभी पत्नी,
कभी माँ बनी..
न जाने एक बिटिया, क्या क्या बनी..
कभी भाभी, कभी चाची,
कभी बहना बनी..
एक बिटिया कई परिवारोँ का गहना बनी..
कभी ननंद, कभी जेठानी,
कभी देवरानी बनी..
अपने घर मेँ ही वो,
भूली हुयी कहानी बनी..
कभी सास, कभी दादी,
कभी नानी बनी..
उम्र के हर पड़ाव मेँ, बस एक कुर्बानी बनी..
कभी शारदा, कभी लक्ष्मी,
कभी काली बनी..
हर रुप मेँ इस जगत की,
पालनहारी बनी..
कभी दुर्गा, कभी अवन्ति,
कभी लक्ष्मीबाई बनी..
हर युग मेँ वो, नये इतिहास की रोशनाई बनी..
फिर क्यूँ न करुँ उस बिटिया का, मैँ दिल से वंदन..
फिर क्यूँ न करुँ उस बिटिया को,मैँ शत् शत् नमन..
अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं!
Happy Women's Day!

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